अगर आप भी जमीन ,मकान या फ़्लैट खरीदने की सोच रहे है तो खबर आपके लिए है उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने से पहले रजिस्ट्री को लेकर लगने वाले स्टाम्प शुल्क के लिए अब डीएम ऑफिस में आवेदन करना होगा.
अभी तक जमीन, मकान, दुकान खरीदने वाले लोग प्रॉपर्टी डीलर, वकील या फिर रजिस्ट्री विभाग के अधिकारियों से संपर्क करते थे. लेकिन अब उन्हें स्टाम्प शुल्क के लिए अब डीएम ऑफिस में आवेदन करना होगा
अभी तक जमीन, की कीमत मौखिक तौर पर ही तय कर दी जाती थी. इसी आधार पर स्टाम्प शुल्क भी तय होता था. ऐसे में प्रॉपर्टी खरीदने वाला पक्ष अधिकतर संशय में रहता था कि उसे वाज़िब कीमत पर प्रॉपर्टी मिली है या नहीं. अब कैबिनेट के इस फैसले के बाद खरीददारों को कई जगह भाग-दौड़ करने की जरूरत नहीं रह जाएगी. सिर्फ डीएम ऑफिस से यह काम हो जाएगा.
इसे लेकर स्टाम्प और रजिस्ट्री विभाग के प्रस्ताव को योगी सरकार ने 14 जून को मंजूरी दे दी है. अब सवाल है की इस फैसले से क्या बदल जाएगा?
उत्तर प्रदेश में मौजूदा वक्त में जमीन की कीमत तय करने या जमीन की रजिस्ट्री को लेकर लगने वाले स्टाम्प शुल्क को लेकर आए दिन विवाद होता रहता है. नए नियम के तहत इस विवाद को खत्म करने की कोशिश है. सरकार को उम्मीद है कि डीएम ऑफिस से स्टाम्प शुल्क तय किए जाने से इसको लेकर विवादों में कमी आएगी.
उत्तर प्रदेश सरकार ने किसी भी तरह की संपत्ति का वास्तव मूल्य पता करने के लिए डीएम ऑफिस में आवेदन करने के लिए 100 रुपये की फीस तय की है.
इसके तहत डीएम ऑफिस से संपत्ति की तय कीमत पर ही स्टाम्प ड्यूटी देनी होगी. इस फैसले से योगी सरकार को उम्मीद है कि इससे प्रॉपर्टी से संबंधित दोनों पक्षों के बीच किसी तरह के विवाद की गुंजाइश करीब-करीब खत्म हो जाएगी. स्टाम्प चोरी जैसे केसों में भी कमी आएगी.

